24 फरवरी 2026 : दिल्ली पुलिस ने 24 फरवरी 2026 को एआई शिखर सम्मेलन के दौरान युवा कांग्रेस के प्रदर्शन मामले पर पहली बार आधिकारिक बयान दिया है। विशेष पुलिस आयुक्त देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने मीडिया के सामने यह जानकारी साझा की। इस संवेदनशील मामले की जांच अब दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को सौंप दी गई है।
भारत मंडपम में हुआ था बवाल
अपराध शाखा की अंतरराज्यीय प्रकोष्ठ इस पूरे मामले की गहनता से जांच करेगी। यह घटना 20 फरवरी को भारत मंडपम में हुई थी, जहां प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ दिया था। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई थीं, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। तिलक मार्ग थाने में इस संबंध में एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया था।
अबतक आठ गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि आरोपियों को निगरानी कैमरे के फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा गया है। जांच से पता चला है कि कई लोग इन आक्रामक तत्वों को बाहर से सहायता प्रदान कर रहे थे। अब तक इस मामले में कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी गिरफ्तार व्यक्तियों से पुलिस हिरासत में पूछताछ की गई है। पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
जांच का दायरा और कानूनी कार्रवाई
प्राथमिकी में भारतीय दंड संहिता की धारा 191 (1) और 192 जोड़ी गई हैं। ये धाराएं मुख्य रूप से दंगा भड़काने और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित हैं। अपराध शाखा मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। इसका उद्देश्य घटना के पीछे के सभी साजिशकर्ताओं का पता लगाना है।
भारत मंडपम में सुरक्षा उल्लंघन
भारत मंडपम में हुए इस प्रदर्शन ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे। युवा कांग्रेस के सदस्यों द्वारा किए गए इस प्रदर्शन से काफी हंगामा हुआ। पुलिस ने घटना के तुरंत बाद कार्रवाई शुरू कर दी थी। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी में निगरानी कैमरे के फुटेज ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
