13 फरवरी 2026 : राजधानी की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी पर ‘अनैतिक आचरण’ के गंभीर आरोप दोहराते हुए एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। दुबे ने सीधा सवाल पूछा कि क्या राहुल गांधी “सत्ता हथियाने के लिए भारत के बंटवारे की साजिश” रच रहे हैं?
‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ का सरगना बताया
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर कुछ दस्तावेज साझा करते हुए निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी को ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ का सरगना करार दिया। उन्होंने जॉर्ज सोरोस और फोर्ड फाउंडेशन जैसी विदेशी संस्थाओं का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश को भीतर से अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। दुबे ने दावा किया कि फोर्ड फाउंडेशन जैसी विवादित संस्थाएं राहुल गांधी की महंगी विदेश यात्राओं का खर्च उठाती हैं।

सदस्यता खत्म करने और आजीवन प्रतिबंध की मांग
निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर एक विशेष संसदीय जांच समिति बनाने की मांग की है। उन्होंने सदन में एक प्रस्ताव भी पेश किया है जिसमें राहुल गांधी की संसद सदस्यता समाप्त करने और उन पर भविष्य में चुनाव लड़ने से आजीवन प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई है। दुबे का आरोप है कि राहुल गांधी ने संसद में अपने भाषण के जरिए देश को गुमराह किया है।
राहुल गांधी का पलटवार
दूसरी ओर राहुल गांधी ने इन आरोपों पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने बीजेपी सरकार को चुनौती देते हुए कहा, “मेरे खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएं, मैं पीछे नहीं हटूंगा।” गांधी ने स्पष्ट किया कि वह किसानों और आम जनता के मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे, चाहे बीजेपी कितनी भी कोशिश कर ले। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी संकेत दिए हैं कि बीजेपी सदस्य राहुल गांधी के ‘भ्रामक बयानों’ के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस देंगे।
