• Fri. Feb 13th, 2026

चंद्रपुर मनपा जीत के बाद सुधीर मुनगंटीवार का बड़ा खुलासा : कांग्रेस नेता की मदद से बनी सत्ता

चंद्रपुर 12 फरवरी 2026 : भाजपा विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि चंद्रपुर नगर निगम में भाजपा की सत्ता बनाने को लेकर पहली बैठक प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व महासचिव राहुल पुगलिया के घर पर हुई थी। इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है और अब सबकी नजर कांग्रेस पर है कि वह राहुल पुगलिया के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है।

चंद्रपुर में सत्ता गठन के बाद मुनगंटीवार को ‘किंगमेकर’ कहा जाने लगा है और शहर में इस तरह के बैनर भी लगाए गए। नागपुर में पत्रकारों से बातचीत में मुनगंटीवार ने बताया कि कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन बहुमत का आंकड़ा नहीं जुटा सकी। अंतिम समय में भाजपा की संगीता खांडेकर ने महज एक वोट से मेयर का चुनाव जीत लिया, जबकि डिप्टी मेयर पद पर शिवसेना (उबाठा) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार प्रशांत दानव ईश्वर चिट्ठी से विजयी हुए।

मुनगंटीवार ने दावा किया कि भले ही राहुल पुगलिया कांग्रेस से जुड़े हों, लेकिन उन्होंने भाजपा को मदद की और पहली बैठक अपने घर पर करवाई। उन्होंने कहा कि पुगलिया का मानना था कि चंद्रपुर का अपेक्षित विकास भाजपा ही कर सकती है, इसलिए उन्होंने मेयर पद के लिए समर्थन देने की बात कही थी। मुनगंटीवार ने शिवसेना (उबाठा) के जिलाध्यक्ष संदीप गिरहे और निर्दलीय उम्मीदवारों का भी आभार जताया।

वहीं, भाजपा विधायक किशोर जोरगेवार ने मुनगंटीवार पर तंज कसते हुए कहा कि चंद्रपुर नगर निगम में जीत का श्रेय लेने की कोशिश मुनगंटीवार कर रहे हैं, जबकि उन्होंने खुद भी संख्याबल जुटाने के लिए काफी प्रयास किए थे। जोरगेवार ने कहा कि एक समय कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार शिवसेना (उबाठा) को मेयर पद देने को तैयार थे, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद मामला पलट गया।

इधर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शिवसेना (उबाठा) पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के 27 पार्षद एकजुट थे और यदि शिवसेना का साथ मिलता तो कांग्रेस का मेयर बनता और सत्ता में सबको हिस्सा मिलता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *