पुणे 11 फरवरी 2026 : विधानसभा चुनाव में पार्टी की आधिकारिक लाइन से हटकर बगावत करने वालों पर भारतीय जनता पार्टी ने सख्त कार्रवाई की है। पुणे में पार्टी आदेश की अनदेखी करने वाले अमोल बालवडकर समेत कुल 69 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। बीजेपी के शहर अध्यक्ष धीरज घाटे ने इसकी आधिकारिक घोषणा की है और बताया कि सभी को सीधे छह साल के लिए निलंबन झेलना होगा।
अनुशासनहीनता पर कड़ा एक्शन
चुनाव के दौरान पुणे में बीजेपी टिकट के लिए करीब ढाई हजार कार्यकर्ताओं ने दावेदारी पेश की थी। लेकिन सीटों के बंटवारे और बाहर से आए नेताओं को तरजीह मिलने के कारण कई पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं मिल पाया। इससे नाराज होकर कुछ लोगों ने खुलकर बगावत करते हुए चुनाव लड़ा, जबकि कुछ ने पर्दे के पीछे विरोधी उम्मीदवारों की मदद की। पार्टी ने ऐसे अनुशासनहीन नेताओं और कार्यकर्ताओं पर अब कार्रवाई शुरू कर दी है।
हडपसर में सबसे ज्यादा बागी
धीरज घाटे द्वारा जारी सूची के मुताबिक सबसे ज्यादा बागी हडपसर विधानसभा क्षेत्र से हैं। यहां से 19 लोगों को निलंबित किया गया है। इसके अलावा खड़कवासला से 9, पुणे कैंटोनमेंट से 9, वडगांव शेरी से 8, शिवाजीनगर से 7, कोथरूड से 6, कसबा पेठ से 6 और पर्वती से 4 कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की गई है।
आगे भी होगी सख्ती
धीरज घाटे ने कहा कि यह कार्रवाई पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व और प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर की गई है। पार्टी में रहते हुए पार्टी विरोधी गतिविधियां किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। जिन लोगों ने चुनाव में पार्टी के खिलाफ काम किया है, उन्हें छह साल के लिए बाहर का रास्ता दिखाया गया है। भविष्य में भी कोई पदाधिकारी इस तरह का व्यवहार करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
बताया जा रहा है कि जिन लोगों पर निलंबन की कार्रवाई हुई है, उनमें से कई ने पहले ही पार्टी छोड़ दी थी, लेकिन अब बीजेपी ने आधिकारिक तौर पर उन्हें बाहर कर दिया है।
