जालंधर 09 फरवरी 2026 : रामा मंडी के गुडविल अस्पताल में रविवार शाम को एक महिला (31) मरीज की मौत हो जाने पर उसके परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया, जिसके बाद मौके पर पहुंची थाना रामा मंडी की पुलिस ने मृतका परिजनों को इंसाफ का भरोसा देकर शांत किया। मृतका की पहचान उपकार कौर पत्नी रघबीर सिंह निवासी दीप नगर जालंधर कैंट के रूप में हुई है जो कि अपने पीछे साल की बेटी भी छोड़ गई है।
रघबीर सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी उपकार कौर की बी.पी. लो होने पर वह आज उसे करीब 3 बजे गुडविल अस्पताल लेकर आए थे, जिसके बाद उसे अस्पताल में दाखिल करने के बाद उसका इलाज शुरू कर दिया गया। पत्नी का पहले भी इसी अस्पताल में गठिए का इलाज चलता था। उन्होंने कहा कि आज सिर्फ उनकी पत्नी का बी.पी. ही लो हुआ था और वह पूरी नार्मल स्थिति में अस्पताल पहुंची थी।
उन्होंने कहा कि डा. रणजीत द्वारा उनकी पत्नी को गलत बी.पी. की गलत दवाई दिए जाने के कारण उसकी मौत हुई है। उन्होंने कहा कि जैसे ही पत्नी की हालत दवाई लेने के बाद और बिगड़ गई तो अस्पताल का स्टाफ उसे आई.सी.यू. में ले गया और जहां उसे वैंटीलेटर पर डाल दिया। कुछ ही समय के बाद उनकी पत्नी उपकार कौर ने दम तोड़ दिया और स्टाफ ने कहा कि उनकी पत्नी की मौत हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि आई.सी.यू. में ले जाने और वैंटीलेटर पर डालने को लेकर उनसे अस्पताल के स्टाफ द्वारा कोई बात नहीं की गई जबकि ऐसे हालातों में मरीज के परिजनों के साइन इत्यादि लेकर ही अस्पताल द्वारा आगे इलाज किया जाता है और अपनी मर्जी के मुताबिक ही इलाज शुरू कर दिया।
उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी उपकार कौर की मौत के लिए डा. रणजीत जिम्मेदार है जो कि उन्हें कुछ बताए बिना ही अस्पताल से फरार हो गया। उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिलेगा तब तक वह अपनी पत्नी उपकार कौर का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। उधर मामले की जांच कर रहे थाना रामा मंडी के ए.एस.आई. बलकरण सिंह ने कहा कि पुलिस ने मृतका का शव सिविल अस्पताल में रखवा दिया है और कल सुबह उसका पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
बी.पी. जब कम होने के कारण हुई महिला की मौत: डा. सुनील शर्मा
गुडविल अस्पताल के मालिक डा. सुनील शर्मा ने महिला मरीज उपकार कौर की हुई मौत के मामले में कहा कि उपकार कौर का उनके पास काफी समय से गठिए की बीमारी का इलाज चल रहा है, जिसके चलते मरीज अक्सर उनके अस्पताल में आता रहता था। आज शाम 3 बजे जब मरीज को उनके अस्पताल में लाया गया तो उसका बी.पी. काफी कम था, जिसे नार्मल स्थिति में लाने के लिए उनके द्वारा महिला का इलाज तुरंत शुरू कर दिया गया। उसे दी गई टेबलेट से जब उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो उसे उन्हें आई.सी.यू. में शिफ्ट करना पड़ा और जब उसकी हार्टबीट ने काम करना बंद कर दिया तो उसे वैंटीलेटर पर लाने की स्थिति पैदा हो गई, जिसके दौरान उसने शाम करीब 4.45 बजे दम तोड़ दिया। डा. सुनील शर्मा ने कहा कि बी.पी. कंट्रोल न आने कारण और हार्टबीट बंद हो जाने के कारण उसकी मौत हुई है। अस्पताल द्वारा उसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए गए थे।
