मुंबई 06 फरवरी 2026 : मुंबईकरों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। पश्चिम रेलवे के यात्रियों को आने वाले तीन महीनों तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। गोरेगांव से CSMT (छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस) के बीच लोकल ट्रेन सेवा पूरी तरह बंद की जाएगी। इस संबंध में योजना तैयार की जा रही है और जल्द ही इसे लागू किया जाएगा। यह जानकारी रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने ‘लोकमत’ को दी है। इससे रोज़ाना लोकल से सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
पश्चिम रेलवे पर भी रहेगा ब्लॉक
पश्चिम रेलवे पर पिछले कुछ महीनों से पुनर्विकास से जुड़े कई काम चल रहे हैं। दिसंबर से जनवरी तक पूरे एक महीने कांदिवली से बोरीवली के बीच पांचवीं और छठी लाइन का काम चला था, जिसके चलते कई लोकल ट्रेनें रद्द की गई थीं। रोज़ाना करीब 200 से 250 लोकल फेरे रद्द होने से यात्रियों को काफी परेशानी हुई थी। हालांकि काम पूरा होने के बाद सेवाएं फिर से शुरू कर दी गई थीं।
ब्लॉक का कारण क्या है?
अब इसी परियोजना के तहत हार्बर लाइन पर भी पांचवीं और छठी लाइन का काम शुरू किया जा रहा है। लेकिन जगह की कमी के कारण नई लाइन बिछाना मुश्किल हो रहा है। इसलिए पश्चिम रेलवे ने बांद्रा–खार के बीच स्थित रेलवे पुल को तोड़कर दोबारा बनाने की योजना बनाई है, ताकि नई लाइन के लिए जगह मिल सके। इस पुल के पुनर्निर्माण के लिए गोरेगांव से CSMT के बीच लोकल सेवा तीन महीनों के लिए पूरी तरह बंद की जाएगी।
इस दौरान मुंबई सेंट्रल से बांद्रा के बीच पांचवीं और छठी लाइन का काम शुरू होगा। बांद्रा से बोरीवली के बीच यह काम पहले ही पूरा हो चुका है, लेकिन माहिम–सांताक्रूज़ के बीच अभी काम बाकी है। इसलिए ब्लॉक के दौरान CSMT से बांद्रा तक लोकल सेवाएं सीमित रूप में जारी रहेंगी, जिससे यात्रियों को थोड़ी राहत मिलेगी।
पांचवीं और छठी लाइन का महत्व
रेलवे प्रशासन ने साल 2024 में ही पांचवीं और छठी लाइन बिछाने की योजना बनाई थी। इन नई लाइनों के बनने से मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को अलग मार्ग पर भेजा जाएगा, जिससे मौजूदा चार मुख्य लाइनें लोकल ट्रेनों के लिए खाली रहेंगी। इससे भीड़ कम होगी और समय-सारणी में सुधार की उम्मीद है। साथ ही, नई लाइनों के चलते अतिरिक्त लोकल फेरे भी शुरू किए जा सकेंगे।
इस परियोजना पर करीब 964.84 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। पहले गोरेगांव–CSMT लोकल सेवाएं 6 महीनों के लिए बंद करने की योजना थी, लेकिन यात्रियों की असुविधा कम करने के लिए ब्लॉक की अवधि घटाकर 3 महीने कर दी गई है। रेलवे प्रशासन ने दिसंबर 2027 तक पश्चिम रेलवे पर नई लाइनों का काम पूरा करने की डेडलाइन तय की है।
