06 फरवरी 2026 : राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) से नाशिक नगर निगम में निर्वाचित पार्षद और पार्टी प्रवक्ता डॉ. हेमलता पाटिल ने गुट नेता पद को लेकर पार्टी के फैसले से नाराज़गी जताते हुए विभागीय आयुक्त के पास स्वतंत्र सदस्य के रूप में पंजीकरण करा लिया है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पहले ही अपक्ष पार्षद मुकेश शहाणे को साथ लेकर चार सदस्यों का गुट बना चुकी है। डॉ. पाटिल द्वारा स्वतंत्र सदस्य के रूप में पंजीकरण कराने से पार्टी से उनकी नाराज़गी साफ दिखाई दे रही है। नगर निगम चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस के चार पार्षद चुने गए थे, लेकिन पार्टी ने डॉ. पाटिल की जगह शहर अध्यक्ष रंजन ठाकरे की पत्नी सीमा ठाकरे को गुट नेता बना दिया।
इसी फैसले से नाराज़ होकर डॉ. पाटिल ने बगावत का झंडा बुलंद किया है। डॉ. पाटिल का आरोप है कि दिवंगत नेता अजित पवार ने उन्हें नाशिक नगर निगम में पार्टी का गुट नेता बनाने का वादा किया था, लेकिन उनके निधन के बाद ‘गंदी राजनीति’ शुरू हो गई। उन्होंने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे के हस्ताक्षर और मुहर का दुरुपयोग कर किसी ने फर्जी पत्र बनाया और उन्हें गुट नेता पद से रोका गया।
डॉ. पाटिल ने सवाल उठाया कि जब अजित दादा ने उन्हें वादा दिया था तो फिर सीमा ठाकरे को गुट नेता कैसे बनाया गया। उन्होंने पार्टी गुट से अलग होकर स्वतंत्र गुट बनाने का संकेत भी दिया था, लेकिन पार्टी ने उनके इस इशारे को नजरअंदाज कर दिया। अंततः डॉ. हेमलता पाटिल ने स्वतंत्र सदस्य के रूप में पंजीकरण करा लिया है। अब इस मामले में पार्टी आगे क्या फैसला लेती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
