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दिल्ली में 15 दिनों में 800+ लोग लापता, महिलाओं को सबसे ज्यादा खतरा

05 फरवरी 2026 : दिल्ली पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, साल 2026 के पहले 15 दिनों में राजधानी से 800 से ज्यादा लोग लापता हो गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या महिलाओं और लड़कियों की है, जो बेहद चिंताजनक है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 1 जनवरी से 15 जनवरी 2026 के बीच कुल 807 लोग लापता हुए, जिनमें 509 महिलाएं और लड़कियां और 298 पुरुष शामिल हैं। इसका मतलब है कि औसतन हर दिन करीब 54 लोग दिल्ली से गायब हो रहे हैं।

इन 807 लापता लोगों में से अब तक सिर्फ 235 लोगों का पता लगाया जा सका है, जबकि 572 लोग अभी भी लापता हैं और उनका कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस लगातार इन मामलों में तलाश कर रही है, लेकिन बड़ी संख्या में लोग अब भी नहीं मिल पाए हैं।

बच्चों के लापता होने के बढ़ते मामले

इन मामलों में नाबालिग बच्चों की स्थिति और भी गंभीर है। कुल लापता लोगों में 191 बच्चे शामिल हैं। इनमें लड़कियों की संख्या बहुत ज्यादा है — 146 लड़कियां और 45 लड़के गायब हुए हैं। सबसे ज्यादा लापता होने वाले बच्चे किशोर उम्र (टीनएज) के हैं। इस अवधि में 169 किशोर-किशोरियां लापता हुए, जिनमें 138 लड़कियां और 31 लड़के थे। पुलिस के मुताबिक, इन मामलों में से करीब 71 फीसदी अभी भी अनसुलझे हैं।

इसके अलावा:

  • 8 से 12 साल की उम्र के 13 बच्चे लापता हुए (8 लड़के, 5 लड़कियां)
  • 8 साल से कम उम्र के 9 बच्चे भी गायब हुए
  • इन छोटी उम्र के बच्चों में से अब तक सिर्फ 6 बच्चों को ही ढूंढा जा सका है।

सबसे ज्यादा लापता वयस्क

बच्चों के अलावा, वयस्कों के गायब होने के मामले भी बहुत ज्यादा हैं। इसी अवधि में 616 वयस्क लापता हुए, जिनमें 363 महिलाएं और 253 पुरुष शामिल हैं। पुलिस ने अब तक 181 वयस्कों को ढूंढ लिया है, लेकिन 435 मामलों में अभी भी कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है।

2025 का रिकॉर्ड भी डराने वाला

यह समस्या नई नहीं है। पूरे साल 2025 में दिल्ली से 24,500 से ज्यादा लोग लापता हुए थे, जिनमें 60 फीसदी से अधिक महिलाएं थीं। अगर पिछले 10 सालों का आंकड़ा देखें तो दिल्ली में करीब 2.3 लाख लोग लापता हुए हैं इनमें से लगभग 52,000 लोग आज तक नहीं मिले

पुलिस क्या कर रही है?

दिल्ली पुलिस का कहना है कि लापता लोगों की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। खासतौर पर महिलाओं और बच्चों के मामलों को प्राथमिकता दी जा रही है। पुलिस अलग-अलग थानों, सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी तरीकों से जांच कर रही है। फिर भी, इतने बड़े पैमाने पर लोगों के गायब होने से राजधानी में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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