जालंधर 04 फरवरी 2026 : जिले में बढ़ते शोर प्रदूषण पर लगाम कसते हुए जिला मैजिस्ट्रेट डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने कड़े आदेश जारी किए हैं। शोर प्रदूषण (रैगुलेशन एंड कंट्रोल) रूल्स 2000 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के सैक्शन 163 के तहत मिले अधिकारों का प्रयोग करते हुए डी.सी. ने स्पष्ट किया है कि मैरिज पैलेस, सार्वजनिक स्थलों और धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की आवाज निर्धारित मानकों के अनुसार 10 डेसिबल से कम रखनी होगी।
आदेशों के अनुसार मैरिज पैलेस, सार्वजनिक और धार्मिक स्थानों पर लाऊडस्पीकर के इस्तेमाल से पहले संबंधित प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। अनुमति मिलने के बाद भी लाऊडस्पीकर केवल सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही इस्तेमाल किए जा सकेंगे। जिला प्रशासन ने यातायात और आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बस, कार, मोटरसाइकिल समेत सभी प्रकार के वाहनों पर प्रेशर हॉर्न के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही सब्जी विक्रेताओं, कबाड़ की दुकानों, ठेले, ई-रिक्शा और ऑटो चालकों द्वारा स्पीकर या किसी भी प्रकार के ध्वनि उत्पन्न करने वाले उपकरण के जरिए शोर करने पर भी सख्त रोक लगाई गई है।प्रशासनिक आदेशों में साफ कहा गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश 3 फरवरी 2026 से 2 अप्रैल 2026 तक लागू रहेंगे।
