मुंबई 02 फरवरी 2026 : राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे को लेकर कई तरह की शंकाएं उठाई जा रही हैं। इसी बीच राष्ट्रवादी के नेताओं द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद अब ठाकरे गुट के फायरब्रांड नेता संजय राउत ने एक सनसनीखेज दावा किया है।
संजय राउत ने कहा कि शरद पवार ने हादसे के पहले ही दिन इस पर स्पष्टता दी थी, लेकिन उन्हें भी यह समझ में आ गया होगा कि यह मामला इतना साधारण नहीं है। अजित पवार का अपने घर (एनसीपी) लौटना भाजपा के लिए एक बड़ी हार होता और यह देश की राजनीति की दिशा बदलने वाला फैसला साबित हो सकता था। अगर अजित पवार वापस लौटते तो भाजपा की जो दहशत बनी हुई है, वह टूट जाती।
राउत ने आगे कहा कि अजित पवार बार-बार कह रहे थे कि उनके पास भाजपा के घोटालों से जुड़ी एक फाइल है, जिसे वे सही समय पर सार्वजनिक करेंगे। यह बात उन्होंने 15 जनवरी को कही थी और उसके अगले सिर्फ दस दिनों के भीतर उनका विमान हादसा हो गया, जिसमें उनकी मौत हो गई। यह पूरी घटना रहस्यमय है। मुझे जस्टिस लोया केस की याद आ गई, ऐसा संजय राउत ने कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी पर सीधे आरोप नहीं लगा रहे हैं, लेकिन लोगों के मन में शंकाएं जरूर हैं। विधायक अमोल मिटकरी ने जो सवाल उठाए हैं, वे गंभीर हैं। अजित पवार जैसे बड़े नेता विमान में सफर कर रहे थे और उनके साथ कोई भी प्रमुख व्यक्ति नहीं था। विमान का मेंटेनेंस सर्टिफिकेट भी नहीं था, इसलिए लोगों के मन में संदेह पैदा होना स्वाभाविक है। मेरे मन में भी पहले ही दिन से शंका थी।
राउत ने कहा कि जिस दिन अजित पवार ने कहा था कि उनके पास भाजपा के भ्रष्टाचार की फाइल है और वे उसे उजागर करेंगे, उसी दिन से मुझे लगा था कि अजित पवार भाजपा से अलग होने का मन बना चुके हैं। एक उपमुख्यमंत्री खुले तौर पर कह रहा है कि उसके पास भाजपा की फाइल है। 1995 के दौर में सिंचाई परियोजनाओं के बजट में करोड़ों रुपये बढ़ाकर उसे पार्टी फंड में कैसे बदला गया, इस बारे में अजित पवार बात कर रहे थे। उस समय मैं उनकी बॉडी लैंग्वेज देख रहा था, जिससे लग रहा था कि वे फिर से शरद पवार के साथ जाना चाहते हैं।
संजय राउत ने कहा कि शरद पवार एक परिपक्व नेता हैं, उन्हें पता है कब क्या बोलना है और कब कौन सा फैसला लेना है। मुंबई बम धमाकों के समय भी उन्होंने 13 की जगह 14 धमाके बताए थे, उसके पीछे भी कोई कारण था और वह उस समय की जरूरत थी।
राउत ने आगे कहा कि मिटकरी द्वारा उठाए गए सवालों को देखकर लगता है कि यह एक गंभीर मामला है। अगर कहा जा रहा है कि विमान में छह यात्री थे और सिर्फ पांच शव मिले हैं, तो छठा व्यक्ति कौन था और उसका शव क्यों नहीं मिला? सभी शव पूरी तरह जल गए, लेकिन वहां पड़े कागज वैसे के वैसे ही मिले। क्या अजित पवार के साथ भाजपा के भ्रष्टाचार की फाइल थी? क्या वे उसे मुंबई से बारामती सुरक्षित ले जा रहे थे? ऐसे कई सवाल हैं, ऐसा संजय राउत ने कहा।
