हरियाणा 30 जनवरी 2026 : हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा वीरवार को प्रेमानन्द महाराज से मिले। इस दौरान प्रेमानन्द जी से डिप्टी स्पीकर ने पूछा कि धर्म और करुणा में से कौन-सा निर्णय ले। इस पर प्रेमानन्द ने जवाब दिया करूणा को प्राथमिकता नहीं देनी। निर्णय में धर्म देखा जाता है करुणा में पक्षपात होगा।
प्रेमानन्द जी ने कहा कि अगर करुणा आ गई तो पक्षपात ले लेगी और निर्णय करने में धर्म को देखा जाता है करुणा को नहीं। जैसे आपको निर्णय लेना है और आपका पुत्र अपराधी है और शत्रु का निर्रापराधी है तो आपको करूणा का नहीं धर्म का निर्णय़ लेना होगा। शत्रु के पुत्र को मुक्त करना होगा औऱ अपने पुत्र को दंड देना होगा। जब निर्णय़ लेना हो तो करुणा का नहीं धर्म को आगे रखकर निर्णय लेना होगा। अगर हम करुणा को ले आए तो पक्षपात हो जाएगा, फिर हानि हो जाएगी। ऐसे ही हमारा जो अधिकारी है हम उस स्वभाव के व्यक्ति के साथ अपने कर्तव्य का पालन करते हुए ठीक निर्णय करें। अगर वो दंडनीय है तो हम उसको दंड देंगे। अगर वो दंडनीय नहीं तो वो चाहे वो दंडनीय नहीं है तो वो चाहे शत्रु पक्ष का ही क्यों ना हो उसको दंड देने का विधान नहीं सोचेंगे। हम उसका सहयोग करेंगे। यह भाव रखना चाहिए।
वहीं डिप्टी स्पीकर ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर लिखा कि वृन्दावन की पावन धरा पर परम पूज्य स्वामी प्रेमानन्द महाराज जी से आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। उनके सान्निध्य में मन को अद्भुत शांति, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ। महाराज जी का आशीर्वाद जीवन पथ को सदैव धर्म, सेवा और सद्भाव की ओर प्रेरित करता रहे यही प्रार्थना है।
