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KGMU के डॉक्टरों ने 3 साल की बच्ची के दिमाग से गोली निकालकर बचाई जान

30 जनवरी 2026 : लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल न्यूरो सर्जरी कर 3 साल की मासूम बच्ची की जान बचा ली। बच्ची के दिमाग में फंसी गोली बार-बार अपनी जगह बदल रही थी, जिससे उसकी जान को लगातार खतरा बना हुआ था। डॉक्टरों ने अत्याधुनिक तकनीक की मदद से सफल ऑपरेशन कर गोली को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। फिलहाल बच्ची खतरे से बाहर है और उसकी हालत में तेजी से सुधार हो रहा है।

कैसे लगी गोली और क्या सामने आया?
न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉ. अंकुर बजाज के अनुसार, 16 दिसंबर 2025 की शाम करीब 4 बजे बच्ची के सिर के बाएं हिस्से (फ्रंटल बोन) में गोली लगी थी। घायल होने के लगभग साढ़े चार घंटे बाद किए गए सीटी स्कैन में गोली दिमाग के ऊपरी हिस्से में दिखाई दी। अगले दिन जब बच्ची को केजीएमयू लाया गया और दोबारा जांच हुई तो डॉक्टर हैरान रह गए — गोली खिसककर दिमाग के गहरे हिस्से, यानी बेसल एरिया तक पहुंच चुकी थी।

‘वॉन्डरिंग बुलेट’ का दुर्लभ मामला
डॉ. बजाज ने बताया कि गोली का इस तरह लगातार खिसकना बेहद खतरनाक स्थिति थी। इससे दिमाग की अहम नसों और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंच सकता था। इसी वजह से सीटी एंजियोग्राफी कराई गई, लेकिन जांच के करीब 25 घंटे बाद पता चला कि गोली फिर अपनी जगह बदलकर दिमाग के पिछले हिस्से, यानी ऑक्सिपिटल एरिया में पहुंच गई है। डॉक्टरों ने इसे ‘वॉन्डरिंग बुलेट’ का दुर्लभ केस बताया — ऐसी स्थिति बहुत कम मामलों में देखने को मिलती है।

रियल टाइम तकनीक से हुई सफल सर्जरी
सर्जरी के दौरान सबसे बड़ी चुनौती यही थी कि गोली एक ही जगह स्थिर नहीं थी। डॉक्टरों ने इंट्राऑपरेटिव फ्लोरोस्कोपी तकनीक का उपयोग किया, जिससे ऑपरेशन के दौरान रियल टाइम में गोली की सटीक लोकेशन देखी जा सकी। इस तकनीक की मदद से न्यूनतम नुकसान के साथ गोली को बाहर निकाल लिया गया।

आईसीयू में निगरानी, हालत बेहतर
सफल सर्जरी के बाद बच्ची को पीडियाट्रिक आईसीयू में रखा गया है। डॉक्टरों के अनुसार, अब वह पहले से अधिक सजग है और तेजी से रिकवरी कर रही है।

इन डॉक्टरों की टीम ने किया ऑपरेशन
– यह जटिल सर्जरी
– डॉ. अंकुर बजाज
– डॉ. अनूप के. सिंह
– डॉ. अंकन बसु
– डॉ. श्रद्धा ने विभागाध्यक्ष प्रो. बी.के. ओझा के मार्गदर्शन में की। एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी डॉ. मोनिका कोहली और डॉ. नीलकमल ने संभाली। केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने पूरी मेडिकल टीम को इस सफलता के लिए बधाई दी है।

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