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राज्यसभा में एकल उपयोग प्लास्टिक उत्पादों से देवी-देवताओं के अपमान का मुद्दा उठा

30 जनवरी 2026 : राज्यसभा में गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद बृजलाल ने एक अहम और संवेदनशील मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आज बाजार में कई ऐसे सिंगल यूज प्लास्टिक प्रोडक्ट्स बिक रहे हैं, जिन पर देवी-देवताओं की तस्वीरें और यहां तक कि पवित्र श्लोक भी छपे होते हैं। उपयोग के बाद यही प्लास्टिक कचरे में या नालियों में फेंक दिया जाता है, जो न सिर्फ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा बन रहा है।

शून्यकाल के दौरान अपनी बात रखते हुए बृजलाल ने कहा कि किसी भी पवित्र प्रतीक या धार्मिक चित्र का इस तरह गंदगी में जाना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने बताया कि ऐसे प्लास्टिक उत्पादों के कारण जल प्रदूषण बढ़ता है, नालियां जाम होती हैं और इससे जलजनित बीमारियों का खतरा भी पैदा होता है। साथ ही, जलीय जीवों पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ता है।

भाजपा सांसद ने मांग की कि जिन विज्ञापनों और उत्पादों में देवी-देवताओं की तस्वीरों या धार्मिक प्रतीकों का व्यावसायिक और अपमानजनक इस्तेमाल हो रहा है, उन पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

इसी शून्यकाल में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सांसद गोला बाबूराव ने खुदरा किराना दुकानदारों की परेशानी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव से छोटे दुकानदार सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं और हर साल हजारों किराना दुकानें बंद होने की कगार पर पहुंच रही हैं।

वहीं, भाजपा सांसद के. लक्ष्मण ने टीवी चैनलों पर प्रसारित हो रहे आपत्तिजनक विज्ञापनों पर चिंता जताई। उनके अलावा भाकपा सांसद संदोष कुमार पी, भाजपा की माया नारोलिया, एस. सेल्वागनबेथी, बीजद सांसद निरंजन बिशी और आम आदमी पार्टी के राजेंद्र गुप्ता समेत कई अन्य सदस्यों ने भी लोक महत्व से जुड़े विभिन्न मुद्दे सदन में उठाए।

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