पुणे 30 जनवरी 2026 : उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पार्थिव का बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान के प्रांगण में अंत्यसंस्कार करने का निर्णय होते ही प्रशासन की तैयारियों में तेजी आ गई। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने सिर्फ छह घंटे में ‘प्रि-कास्ट’ तकनीक से 10 मीटर × 10 मीटर का चौथरा तैयार किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मजबूत बॅरिकेडिंग की गई और बड़े डिजिटल स्क्रीन लगाकर यह सुनिश्चित किया गया कि उपस्थित लोग अंत्यसंस्कार को देख सकें।
राज्य में शोक की लहर:
अजित पवार के विमान दुर्घटना में निधन की खबर फैलते ही राज्य में शोक की लहर दौड़ गई। उनका पार्थिव शरीर मेडिकल कॉलेज के अस्पताल से विद्या प्रतिष्ठान लाया गया, जहाँ भारी भीड़ जुटी। पार्थिव को बुधवार शाम विद्या प्रतिष्ठान के प्रांगण में रखने से पहले व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने वरिष्ठ नेता शरद पवार से मुलाकात कर चर्चा की। बारामती में उनके सहयोगी, पार्थ पवार, राज्य पुलिस महासंचालक सदानंद दाते, सार्वजनिक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता राजेंद्र राहणे और अन्य अधिकारी व्यवस्थाओं का जायजा लेने में जुटे।
पार्थिव को लाने से पहले कार्यकर्ताओं के दर्शन की व्यवस्था की गई और रात 11 बजे तक भीड़ प्रांगण में रही। चौथरा मैदान के मध्य में प्रारंभिक रूप से तैयार किया गया, बाद में उसकी जगह बदलकर सकल व्यवस्था को तेज गति से पूरा किया गया और सुबह 6 बजे तक चौथरा तैयार हो गया।
भारी बॅरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था:
अंत्यसंस्कार के दौरान कार्यकर्ताओं की भावनाओं को देखते हुए बॅरिकेडिंग को मजबूत बनाने का पुलिस ने आग्रह किया। वीआईपी के लिए अलग मार्ग बनाए गए। डिजिटल स्क्रीन की व्यवस्था के लिए पुणे से स्क्रीन रातभर लाकर बारामती में लगाया गया।
राज्यभर से कर्मचारी जुटाए गए:
भीड़ और वाहनों की व्यवस्था के लिए बड़े पैमाने पर पुलिस तैनात की गई। पुणे ग्रामीण पुलिस ने पड़ोसी जिलों से पुलिस की मदद ली, वहीं कोल्हापूर क्षेत्र से भी अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में पहुंचे। बारामती के नागरिकों और बाहर से आए कार्यकर्ताओं ने शांति बनाए रखी और अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई दी।
