चंडीगढ़ 29 जनवरी 2026 : जिला अदालत ने बुधवार को पूर्व जेजेपी नेता और हिसार जिला अध्यक्ष रहे रमेश गोदारा के खिलाफ दर्ज वर्ष 2021 के दुष्कर्म मामले में चंडीगढ़ पुलिस द्वारा दायर कैंसिलेशन रिपोर्ट को मंजूर कर लिया।
पांच वर्ष पूर्व इस मामले में अदालत ने अपने आदेश में कहा कि गोदारा केखिलाफ लगाए गए आरोप रिकार्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों से पुष्ट नहीं हो सके। यह एफआइआर सैक्टर-3 थाना में एक 33 वर्षीय महिला की शिकायत पर दर्ज की गई थी, जो हरियाणा के हिसार के पास एक गांव की रहने वाली है।
महिला ने आरोप लगाया था कि रमेश गोदारा उसका रिश्तेदार है, उसे इलाज के बहाने चंडीगढ़ लाया और सैक्टर-3 स्थित विधायक हास्टल में उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला ने यह •ाी आरोप लगाया था कि उसके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाए तथा उसे शहर में दो अन्य व्यक्तियों के घर •ाी ले गया। इस मामले में पुलिस ने पहले हिसार में दर्ज जीरो एफआइआर के आधार पर चंडीगढ़ में एफआइआर दर्ज की थी। एफआइआर में धारा 376(2)(एन), 376(2)(एफ) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) ने कहा कि शिकायतकर्ता के आरोपों की पुष्टि किसी •ाी ठोस साक्ष्य से नहीं होती। अदालत ने विधायक हास्टल के अधिकारियों की रिपोर्ट, कालका और हिसार के डाक्टरों के बयान तथा अन्य दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि ये स•ाी आरोपों का समर्थन नहीं करते। अदालत ने यह •ाी उल्लेख किया कि शिकायतकर्ता और रमेश गोदारा के बीच कथित चैट्स •ाी आरोपों को प्रमाणित करने में विफल रहीं। ऐसे में रिकार्ड पर कोई प्रथम दृष्टयता मामला नहीं बनता, जिसके चलते कैंसिलेशन रिपोर्ट को मंजूर किया गया। रमेश गोदारा 2019 के विधान सभा चुनाव भी लड़ चुके हैं।
