नाशिक 27 जनवरी 2026 : प्रजासत्ताक दिन के सरकारी कार्यक्रम में पालकमंत्री गिरीश महाजन ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का नाम नहीं लेने से नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक महिला वन अधिकारी ने सार्वजनिक रूप से सवाल उठाया, “संविधान निर्माता का नाम कैसे भूल गए?” इस पर कार्यक्रम में तनाव उत्पन्न हो गया। इस मामले में महाजन के खिलाफ पुलिस शिकायत भी दर्ज हुई है, जबकि वंचित बहुजन आघाड़ी के नेता प्रकाश आंबेडकर ने महाजन के खिलाफ ‘अॅट्रॉसिटी’ के तहत कार्रवाई की मांग की है।
गिरीश महाजन की प्रतिक्रिया:
महाजन ने कहा कि इस घटना से उन्हें बहुत खेद है। उन्होंने बताया,
“मैं पिछले 40 वर्षों से सार्वजनिक जीवन में हूं, लेकिन कभी ऐसा प्रसंग नहीं आया। मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में पला-बढ़ा हूं। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों का मैं हमेशा सम्मान करता आया हूं। जामनेर में उनका बड़ा पुतला हम ही खड़ा किए हैं। भाषण में नाम न लेना अनजाने में हुआ होगा, लेकिन इसके लिए इतना हंगामा क्यों?” उन्होंने इसके लिए अपनी माफी भी व्यक्त की।
अॅट्रॉसिटी की मांग पर:
महाजन ने कहा,
“प्रकाश आंबेडकर अॅट्रॉसिटी दर्ज करने की बात कह रहे हैं, लेकिन क्यों? समाज में वैमनस्यता पैदा करने की कोशिश न करें। मैं मातंग समाज हो या वाल्मीकि समाज, उनके सुख-दुःख में हमेशा सहभागी रहा हूं। मैं उनकी शादी में जाता हूं, दलित बस्तियों में भोजन करता हूं। पिछले 40 वर्षों में बाबासाहेब की जयंती पर मैंने कभी नील शर्ट पहनकर सम्मान नहीं छोड़ा।”
माधवी जाधव के बारे में:
महाजन ने कहा,
“मुझे नहीं पता कि वह महिला कौन हैं। भुसावळ में भी मैंने विकास कार्यों के लिए करोड़ों का निधि दिया है। जामनेर में सभी नगरसेवक और पंचायत समिति सदस्य चुनाव द्वारा आते हैं, इसमें सभी समाज का हिस्सा है। हम सभी को समान रूप से अवसर देते हैं।”
