27 जनवरी 2026 : शिवसेना के नेता और उद्योग मंत्री उदय सामंत के उस बयान पर सियासत गरमा गई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता अंबादास दानवे जल्द ही उनकी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई।
उदय सामंत के इस दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए अंबादास दानवे ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद से उन्हें विभिन्न राजनीतिक दलों से पार्टी में शामिल होने के प्रस्ताव मिल रहे हैं, लेकिन ऐसे प्रस्तावों का उनके लिए कोई महत्व नहीं है।
दानवे ने कहा,
“मुझे नहीं लगता कि उदय सामंत ने जानबूझकर ऐसा बयान दिया होगा। मैंने खुद उन्हें फोन किया था और उन्होंने बताया कि उन्होंने क्या कहा। इस बयान को बहुत गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। मैं शिवसेनाप्रमुख का शिवसैनिक हूं और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में काम करता हूं। रोज उनकी आलोचना करता हूं, इसलिए पत्रकारों ने उनसे इस तरह का सवाल पूछा होगा और उन्होंने उसी अंदाज में जवाब दिया होगा।”
उन्होंने आगे कहा कि उनकी आलोचना और तेज होगी और सामंत का सपना कभी पूरा नहीं होगा।
दानवे ने यह भी कहा कि राजनीतिक चर्चाओं को रोका नहीं जा सकता। दोस्ती में बैठकर लोग तरह-तरह की बातें करते हैं। उन्होंने कहा,
“भाजपा के लोग तो ग्राम पंचायत स्तर के लोगों से भी ऐसी बातें करते रहते हैं।”
अपने राजनीतिक सफर पर बोलते हुए दानवे ने कहा कि वह पिछले 30 वर्षों से संगठन के लिए काम कर रहे शिवसैनिक हैं। पार्टी ने उन्हें कई बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी हैं और वह उन्हें पूरी निष्ठा से निभाते रहेंगे।
जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें शिवसेना या भाजपा की ओर से पार्टी में आने का ऑफर मिला है, तो उन्होंने साफ कहा,
“हां, लोकसभा चुनाव के बाद से ऑफर आ रहे हैं, लेकिन उनका कोई मतलब नहीं है।”
