25 जनवरी 2026 : अकोला महापालिका में सत्ता संघर्ष अब एक नए मोड़ पर पहुँच गया है। चुनाव के बाद सबसे बड़ा दल बनने के बावजूद बीजेपी ने मित्र दलों की मदद से सत्ता पर दावा किया और महायुति के नेतृत्व में 44 नगरसेवकों की ‘शहर सुधार आघाड़ी’ बनाई। इस गुट की आधिकारिक पंजीकरण शुक्रवार को अमरावती के विभागीय आयुक्त कार्यालय में हुई।
वहीं, अकोला में बीजेपी को सत्ता से बाहर रखने के लिए कांग्रेस और अन्य समान विचारधारा वाले दल एकत्र हुए थे, जिसमें वंचित बहुजन आघाड़ी के एड. प्रकाश आंबेडकर ने अहम भूमिका निभाई। लेकिन पदों के वितरण को लेकर मतभेद के कारण यह गठबंधन कमजोर साबित हुआ।
हाल ही में, राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार) के तीन नगरसेवक, जो पहले वंचित बहुजन आघाड़ी और कांग्रेस के साथ थे, अब बीजेपी के साथ ‘शहर सुधार आघाड़ी’ में शामिल हो गए हैं। इस बदलाव के बाद महापालिका में बीजेपी की सत्ता लगभग तय मानी जा रही है। महापौर और उपमहापौर पद का चुनाव 30 जनवरी को होना है। अगले पांच दिनों में महापालिका में राजनीतिक घटनाक्रम काफी दिलचस्प रहेंगे।
मुख्य बिंदु:
- बीजेपी ने मित्र दलों के साथ मिलकर सत्ता पर दावा किया।
- महायुति के नेतृत्व में 44 नगरसेवकों की ‘शहर सुधार आघाड़ी’ बनाई।
- शरद पवार के तीन नगरसेवक अब बीजेपी के साथ।
- महापौर और उपमहापौर का चुनाव 30 जनवरी को।
- राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा मोड़ और बहुमत की जुगलबंदी तय।
