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महिला एडवोकेट की संदिग्ध मौत पर पंजाब राज्य महिला आयोग ने लिया संज्ञान

लुधियाना 25 जनवरी 2026 ई.डब्ल्यूएस कॉलोनी में रहने वाली 25 वर्षीय युवा एडवोकेट दिलजोत शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने एक नया मोड़ ले लिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब राज महिला कमीशन की चेयरमैन ने इसका स्वत: संज्ञान (सु-मोटो) लिया है। कमीशन ने लुधियाना के पुलिस कमिश्नर को सख्त आदेश जारी किए हैं कि इस पूरे मामले की जांच किसी डी.एस.पी. रैंक के अधिकारी से करवाई जाए ताकि सच सामने आ सके।

गौरतलब है कि मूल रूप से मानसा की रहने वाली दिलजोत शर्मा लुधियाना के लेबर कोर्ट में वकालत करती थी और अपनी सहेली रविंदर कौर के साथ किराए के कमरे में रहती थी। 5 जनवरी की रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी, उल्टियां हुईं और वह जमीन पर गिर पड़ी थी। सहेलियों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मामला तब पेचीदा हो गया जब सहेली रविंदर कौर ने अलमारी से एक सुसाइड नोट पेश करते हुए दावा किया कि दिलजोत ने बीमारी से तंग आकर आत्महत्या की है। सुसाइड नोट में लिखा गया है कि वह अपनी मौत के लिए खुद जिम्मेदार है। 

दूसरी ओर मानसा से लुधियाना पहुंची मृतका की मां बीरपाल कौर का आरोप है कि बरामद सुसाइड नोट फर्जी है और उसकी हैंडराइटिंग दिलजोत से नहीं मिलती। उन्होंने खुलासा किया कि सहेली रविंदर कौर अक्सर उनकी बेटी और उसके भाई को जान से मारने की धमकियां देती थी। मां ने सवाल उठाया कि दिलजोत का इलाज पीजीआई से चल रहा था और वह ठीक हो रही थी, तो अचानक मौत कैसे हो गई? पुलिस ने इस सुसाइड नोट की फॉरेंसिक जांच भी करवाएगी ताकि यह साफ हो सके कि इसे दिलजोत ने लिखा है या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है। फिलहाल महिला कमीशन की दखल के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच तेज कर दी है और जल्द ही इस संदिग्ध मौत के पीछे छिपा सच बेनकाब होने की उम्मीद है।

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