मुंबई 24 जनवरी 2026 : बाळासाहेब ठाकरे की 100वीं जयंती पर मुंबई में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे दोनों एक ही मंच पर मौजूद रहे। उद्धव ठाकरे ने अपने भाषण की शुरुआत भावुक होकर की और बाळासाहेब तथा माँसाहेब मीनाताई ठाकरे की यादें साझा की।
उद्धव ठाकरे ने अपने भाषण में कहा, “हमने तूफानों में खेलकर बड़ी हुईं हैं, हमें कोई लड़ना सिखाने की जरूरत नहीं।” उन्होंने माँसाहेब के योगदान की सराहना करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने परिवार को संभाला और बच्चों को बाहर के संकटों से बचाया। उद्धव ने अपने बचपन की हृदयस्पर्शी याद साझा करते हुए कहा, “जब स्कूल जाना बोरिंग लगता, मैं बाळासाहेब को गले लगाता और वे मुझे समझते थे।”
घराणेशाही के आरोपों का उन्होंने सख्त जवाब देते हुए कहा, “ठाकरे नाम मिटाने की कोशिशें हुईं, लेकिन यह नाम मिटता नहीं। हमें अपने घराने पर गर्व है।” उद्धव ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का नाम लिए बिना विरोधियों को चेतावनी दी।
उन्होंने महाराष्ट्र के इतिहास में गद्दारी के महत्व को बताते हुए कहा, “गद्दारी आज का मुद्दा नहीं, यह हमेशा से रहा है। जब शत्रु को विजय असंभव लगे, तब वह गद्दारों की मदद लेता है।”
उद्धव ठाकरे ने एक पुराने 60 साल पुराने पेड़ की कहानी सुनाई, जिसमें एक व्यापारी पेड़ को काटने आता है। पेड़ को चोट लगती है, लेकिन सबसे दुखद बात यह है कि जिस लकड़ी की कुल्हाड़ी से पेड़ को काटा जा रहा है, वह उसी पेड़ की अपनी शाखा की बनी होती है। उद्धव ने इसे वर्तमान राजनीतिक हालात की तुलना में बताया।
