पुणे 19 जनवरी 2026 : नांदेड–पुणे एक्सप्रेस सहित हरंगुळ (लातूर)–पुणे स्पेशल समेत मराठवाड़ा से आने वाली कई ट्रेनों को अब पुणे जंक्शन के बजाय हडपसर स्टेशन पर ही रोकने का फैसला लिया गया है। यह निर्णय 26 जनवरी से लागू होगा। इस फैसले से मराठवाड़ा के यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। इसके विरोध में रेलवे संगठनों ने एकजुट होकर आंदोलन करने का निर्णय लिया है।
पुणे में स्टॉप न होने से यात्रियों को परेशानी
नांदेड–पुणे एक्सप्रेस हडपसर स्टेशन पर तड़के 4:30 बजे पहुंचती है। उस समय इलाके में पुणे महानगरपालिका की बस सेवा उपलब्ध नहीं रहती। वहीं निजी वाहन मनमाना किराया वसूलते हैं। पिंपरी-चिंचवड़, शिवाजीनगर, स्वारगेट, मनपा और खराड़ी जैसे इलाकों के लिए सीधी कनेक्टिविटी नहीं होने से आम यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इसका सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, महिलाओं, छात्रों और रोज़ाना नौकरी के लिए पुणे आने-जाने वाले सैकड़ों मराठवाड़ा के यात्रियों पर पड़ेगा।
26 जनवरी के बाद मराठवाड़ा से पुणे आने वाली कई ट्रेनें केवल हडपसर तक ही चलेंगी। पहले रेल मंत्री रावसाहेब दानवे के कार्यकाल में नांदेड–हडपसर ट्रेन चलाई गई थी, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी होती थी। बाद में उनके निर्देश पर इस ट्रेन को पुणे तक बढ़ाया गया था और तब से यह नांदेड से पुणे तक चल रही थी।
पुणे स्टेशन पर चल रहे काम की वजह से फैसला
फिलहाल पुणे रेलवे स्टेशन पर विकास कार्य शुरू होने वाला है। इसी कारण पुणे स्टेशन पर रुकने वाली कुछ ट्रेनों को अन्य स्टेशनों पर रोकने का निर्णय लिया गया है, जिसमें नांदेड–पुणे समेत मराठवाड़ा से आने वाली अन्य ट्रेनें भी शामिल हैं। संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर इन ट्रेनों को पुणे तक नहीं बढ़ाया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
ट्रेन आगे बढ़ाने की मांग
यात्रियों का कहना है कि गुजरात और उत्तर भारत जाने वाली ट्रेनों को पुणे में ठहराव दिया जाता है, लेकिन मराठवाड़ा से आने वाली ट्रेनों के लिए “जगह नहीं है” कहकर रोक दिया जाता है। मराठवाड़ा की यात्री संघटनाओं ने मांग की है कि गुजरात और उत्तर भारत की तर्ज पर मराठवाड़ा से आने वाली ट्रेनों को भी हरंगुळ से जेजुरी तक ठहराव की व्यवस्था दी जाए।
