12 जनवरी 2026 : उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में हुए तांत्रिक विजय सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस जघन्य वारदात में शामिल चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मृतक के कपड़े, चार मोबाइल फोन, ईंटें और हत्या में इस्तेमाल किया गया सामान बरामद किया है। आरोपियों ने हत्या के बाद शव को ईंटों से बांधकर कुएं में फेंक दिया था, ताकि पहचान न हो सके।
नाले के पास मिला था सिर कटा शव
यह घटना जायस थाना क्षेत्र के मोजमगंज पुल के पास हुई थी। गुरुवार सुबह प्रतापगढ़ जिले के रहने वाले व्यापारी और तांत्रिक विजय सिंह का सिर कटा शव नाले के किनारे पड़ा मिला था। इससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। एसपी के निर्देश पर एसओजी, सर्विलांस टीम और पुलिस की चार टीमें हत्यारों की तलाश में लगाई गई थीं।
मुखबिर की सूचना पर पकड़े गए चारों आरोपी
पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर जायस कस्बे के मोहल्ला गोरियाना से चार लोगों—राजन सोनकर उर्फ निरहू, सौरभ सोनकर, प्रदीप उर्फ तूफानी सोनकर और अजय सोनकर—को गिरफ्तार किया। चारों आरोपी उसी इलाके के रहने वाले हैं।
झाड़-फूंक और पैसे की मांग बना हत्या की वजह
मुख्य आरोपी राजन सोनकर ने पुलिस को बताया कि वह और उसकी मां तांत्रिक विजय सिंह से झाड़-फूंक करवाते थे। लेकिन इलाज के नाम पर उनकी हालत और बिगड़ गई और काफी पैसा खर्च हो गया। इसके बावजूद विजय सिंह लगातार और पैसे मांग रहा था। जब राजन ने पैसे देने से मना किया तो विजय ने उसे जिन्न और भूत छोड़ने की धमकी दी। इसी से परेशान होकर राजन ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची।
ओमनी वैन में बैठाकर ले गए और रास्ते में मार डाला
8 जनवरी की रात आरोपियों ने एक ओमनी वैन किराए पर ली। शाम को राजन की मुलाकात विजय सिंह से जायस रेलवे स्टेशन रोड पर हुई। उसने अपनी परेशानी बताई और विजय ने देवा शरीफ चलने की बात कही। रात करीब 10 बजे सभी लोग वैन में बैठकर निकले। लेकिन पहले से तय योजना के तहत मोजमगंज पुल के पास गाड़ी में रखे गंडासे से विजय सिंह पर हमला कर दिया गया। उसकी गर्दन काटकर अलग कर दी गई।
शव को दो हिस्सों में फेंका
हत्या के बाद पहचान छुपाने के लिए आरोपियों ने विजय का धड़ नाले में फेंक दिया। वहीं उसका सिर एक बोरी में ईंटों के साथ भरकर अपने घर के पास पुराने कुएं में डाल दिया।
एसपी ने किया खुलासा
एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि इस हत्याकांड के खुलासे के लिए चार टीमों को लगाया गया था। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। हत्या में इस्तेमाल सामान भी बरामद हो चुका है। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
