मुंबई 09 जनवरी 2026 : मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के पूर्व सहयोगी और शिवसेना नेता प्रकाश महाजन ने अब राज ठाकरे पर तीखी हमला किया है। प्रकाश महाजन लंबे समय तक मनसे में थे, लेकिन पिछले कुछ महीनों में वे मनसे से नाराज हो गए। अपनी नाराजगी के बाद उन्होंने मनसे छोड़ दी और हाल ही में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे पर जमकर हमला बोला है।
प्रकाश महाजन ने कहा, “राज ठाकरे वैफल्यग्रस्त हो गए हैं। किसी भी परिस्थिति में सत्ता चाहिए, इसलिए सत्तासाधना में कोई कमी नहीं छोड़ी। सत्तासाधना के लिए उन्होंने किसी भी स्तर तक जाने से परहेज़ नहीं किया। हिंदुत्व कहां है? चंदू मामा कहां हैं और रशीद मामला कैसे पास आया? मराठी माणूस उनके लिए केवल मुखौटा है। उन्हें मराठी माणस की कोई चिंता नहीं है। उनकी सत्ता कभी नहीं आएगी, यह 100 प्रतिशत तय है। सत्ता महायुती की सत्ता आएगी। राज ठाकरे ने मराठी लोगों के लिए क्या किया?”
उन्होंने आगे कहा, “राज ठाकरे उद्धव ठाकरे के साथ जाने में असहज हैं। आज मनसे से लोग बाहर निकल रहे हैं। मुंबई की सत्ता पाने के लिए यह सब चल रहा है। मनसे के नेता संदीप देशपांडे भी खुश नहीं हैं। संतोष धुरी ने उनसे बिना पूछे उन्हें बाहर नहीं निकाला होगा। पन्नास खोके मुझे नहीं पता, यह आपका पैसा विषय है। राज ठाकरे के वक्तव्य पाणचट हैं। मराठवाड़ा में शिवसेना पहले नंबर पर है। उद्धव ठाकरे ने आत्मपरीक्षण नहीं किया। सत्ता आने पर दोनों की पत्नियों के बीच झगड़ा होगा। आप सत्ता के लिए आए, लेकिन उद्धव ठाकरे के बारे में उनका क्या मत है?”
प्रकाश महाजन ने मराठी पहचान और विकास पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “मराठी का मुद्दा केवल चुनावी लाभ के लिए उठाया गया। कोहिनूर मिल में मराठी को काम देने का वादा किया गया, माइकल जैक्सन का कार्यक्रम आयोजित किया गया, लेकिन इसका हिसाब नहीं दिया। 20 साल का विरह दस मिनट में खत्म हो गया। मुंबई पर नियंत्रण किसका होना चाहिए? गोल्डन ट्रायंगल में पांव फंसा है। मुंबै–पुणे, ठाणे, नासिक में पहले से कलह है। सत्ता मिलने के बाद क्या होगा? उद्धव ठाकरे का राग गुजराती लोगों पर है। आज राज ठाकरे के चेहरे पर कोई मुस्कान नहीं है।”
प्रकाश महाजन की यह टिप्पणियां राजनीतिक सियासी और सत्ता संघर्ष को लेकर काफी स्पष्ट और तीखी मानी जा रही हैं।
