मुंबई 06 जनवरी 2026 : विधानसभा चुनाव के रणभूमि में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को मुंबई में बड़ा झटका लगा है। मनसे के आक्रामक नेता और पूर्व नगरसेवक संतोष धुरी ने अंततः पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम की मौजूदगी में उनका पार्टी प्रवेश समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर धुरी ने मनसे छोड़ने के पीछे अपनी नाराजगी व्यक्त की और राज ठाकरे व उद्धव ठाकरे पर गंभीर आरोप लगाए।
धुरी ने कहा कि “हम 2007 में राज साहेब के साथ शिवसेना से अलग हुए। हमारा रक्त भगवे है, लेकिन जिन्होंने कांग्रेस और ‘हिरवी’ पार्टियों के साथ गठबंधन कर अपना रक्त हरा कर लिया, ऐसे लोगों को साहेब ने पास बुलाया। साहेब ने अपनी पूरी पार्टी उनके सामने सरेंडर कर दी।”
जागा आवंटन पर भी धुरी ने नाराजगी जताई। मनसे को 52 सीटें मिली हैं, लेकिन उनमें से 7–8 सीटें जीत पाई जाएंगी या नहीं, इस पर उन्होंने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि दादर, माहीम, वरली, शिवडी और भांडुप जैसे मराठी इलाकों में उन्होंने सीट मांगी थी, लेकिन उन्हें नजरअंदाज किया गया।
धुरी ने वांद्रे कनेक्शन और मातोश्री से जुड़े आदेशों का खुलासा करते हुए कहा कि उन्हें और संदीप देशपांडे को किसी भी चर्चा में शामिल नहीं किया गया। मातोश्री से आदेश आया कि ये दोनों किसी भी काम में दिखाई न दें। साहेब ने ये दो ‘किले’ उनके पास सरेंडर कर दिए। इस पर उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया।
धुरी ने बताया कि संदीप देशपांडे भी इस जाल में फंसे और उनका भी रक्त ‘हरा’ करने की कोशिश की गई। धुरी ने मनसे की वर्तमान रणनीति की खुलकर आलोचना की। चुनाव से ठीक पहले ऐसे आक्रामक नेता का साथ छोड़ना मनसे के लिए मुंबई में बड़ा झटका साबित हो सकता है।
