मुंबई 26 दिसंबर 2025 : राष्ट्रवादी शरदचंद्र पवार पार्टी से बाहर निकलने के बाद पुणे के पूर्व महापौर प्रशांत जगताप की अगली राजनीतिक दिशा क्या होगी, इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में तेज अटकलें लगाई जा रही हैं। पुणे शहर में मजबूत कार्यकर्ता नेटवर्क रखने वाले प्रशांत जगताप को अपने पाले में लाने के लिए सभी दलों के नेताओं में होड़ मची हुई है। इसी बीच बीती रात से नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला है।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने फोन पर प्रशांत जगताप से बातचीत की और उन्हें पार्टी में शामिल होने का निमंत्रण दिया। ठाकरे के फोन के कुछ ही घंटों बाद शिवसेना के मुख्य नेता और राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी प्रशांत जगताप से संपर्क साधा, ऐसी जानकारी सामने आई है।
पुणे में दोनों राष्ट्रवादी दलों के एकजुट होने की चर्चाओं के बीच प्रशांत जगताप ने शरद पवार की राष्ट्रवादी से बाहर निकलने का फैसला किया। उनका मानना था कि महायुति के साथ सत्ता में शामिल दल के साथ गठबंधन नहीं होना चाहिए। हालांकि, दोनों गुटों के नेताओं द्वारा गठबंधन को लेकर बातचीत जारी रखने और यह चर्चा अंतिम चरण में पहुंचने के कारण जगताप ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
इसके बाद उनके कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें तेज हो गईं। इसी कड़ी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ उनकी फोन पर बातचीत होने की भी जानकारी मिली है।
ठाकरे से क्या हुई बातचीत?
उद्धव ठाकरे के साथ हुई फोन पर बातचीत की जानकारी खुद प्रशांत जगताप ने दी। उन्होंने कहा,
“उद्धव ठाकरे जैसे बड़े नेता ने मुझ जैसे सामान्य कार्यकर्ता को फोन कर 8–9 मिनट तक बातचीत की। उन्होंने मुझे शिवसेना में शामिल होने का निमंत्रण दिया और यह भी स्पष्ट किया कि वे भविष्य में कभी भी भाजपा के साथ नहीं जाएंगे। मेरे जैसे कार्यकर्ता को समय देने के लिए मैंने उनका आभार माना। मैं किस पार्टी में शामिल होऊंगा, इसका फैसला अगले कुछ घंटों में लूंगा।”
शिंदे की ओर से भी तुरंत कॉल
पुणे महानगरपालिका चुनाव को देखते हुए शहर में पार्टी को मजबूत करने के प्रयास में जुटे एकनाथ शिंदे ने भी प्रशांत जगताप से फोन पर संपर्क किया। चर्चा है कि शिंदे की ओर से भी उन्हें पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया।
हालांकि, उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे—दोनों की ओर से सीधे ऑफर मिलने के बावजूद, विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार प्रशांत जगताप कांग्रेस में ही शामिल होने जा रहे हैं। अपनी विचारधारा और भविष्य की राजनीतिक रणनीति को देखते हुए उनका कांग्रेस का दामन थामना लगभग तय माना जा रहा है।
