मुंबई 24 दिसंबर 2025 : राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे, यानी ठाकरे बंधुओं की बहुप्रतीक्षित युती आज आधिकारिक रूप से घोषित हो गई। मुंबई के वरली स्थित ब्लू सी होटल में आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में इस युती की घोषणा की गई। इस पत्रकार वार्ता में मनसे और शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे) दोनों दलों के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। ठाकरे बंधुओं ने साफ किया कि यह युती फिलहाल केवल मुंबई तक सीमित है। हालांकि, इस घोषणा के बाद महाराष्ट्रभर में मनसे-शिवसेना के कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कई जगह ढोल-ताशों की गड़गड़ाहट हुई और कुछ जगह पटाखों से जश्न मनाया गया।
जहां ठाकरे बंधुओं की युती से समर्थकों में खुशी का माहौल है, वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इस युती की तीव्र आलोचना शुरू कर दी है। भाजपा के नेता और मुंबई प्रदेश अध्यक्ष आशिष शेलार ने ठाकरे बंधुओं पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पत्रकार वार्ता कर इस युती पर सवाल उठाए और सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक पोस्ट भी साझा की। अपनी पोस्ट में शेलार ने ठाकरे बंधुओं के अतीत के बयानों का हवाला देते हुए सवाल उठाए। “मातोश्री पर ‘विठ्ठलाला’ बडवों ने घेर लिया था, पार्टी का नियंत्रण चार कारकों के हाथ में था, ऐसा आप कहते थे। इतनी बड़ी संगठन को खत्म करने में भागीदार नहीं होना चाहिए, इसलिए सभी पदों से इस्तीफा देकर शानदार भाषण दिया। आज वही बडवे और वही कारकून चलाएंगे क्या? उनके साथ अनजाने में भागीदार होंगे क्या?” उन्होंने सीधे सवाल किया।
इसके अलावा शेलार ने कहा, “लाव रे तो वीडियो,” यानी मुंबईकर पुराने भाषण निकाल कर सच सामने लाएंगे। बाद में पत्रकार वार्ता में शेलार ने ठाकरे बंधुओं की युती पर और आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “दो दल एक साथ आए हैं, लेकिन यह मुंबई, मराठी लोगों, मुंबई के विकास या मराठी अस्मिता के लिए नहीं है। यह केवल सत्ता और राजनीतिक गणित के लिए है।” शॉर्टफिल्म की उपमा देते हुए शेलार ने कहा, “इस शॉर्टफिल्म में मुंबई के लिए कोई सवाल, सपना या विकास का चित्र दिखाया गया है क्या? नहीं, केवल सत्ता और पद की लालसा है।”
मुंबई के विकास पर बोलते हुए शेलार ने महायुती सरकार का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “मुंबई के विकास का काम मोदी, फडणवीस, शिंदे और अजित पवार के नेतृत्व वाली महायुती सरकार ने किया है। उद्धव ठाकरे और उनके सहयोगी केवल विकास का विरोध करते रहे हैं।” इस प्रकार ठाकरे बंधुओं की युती के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप की नई फेरी शुरू हो गई है।
