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इस राज्य में फिर भड़की हिंसा, 2 की मौत, कई घायल, इंटरनेट सेवा बंद

24 दिसंबर 2025 : असम के संवेदनशील कार्बी आंगलोंग जिले में एक बार फिर हालात बिगड़ गए हैं। मंगलवार को यहां प्रदर्शन कर रहे दो गुट आमने-सामने आ गए, जिसके बाद इलाके में हिंसा भड़क उठी। झड़प के दौरान दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कम से कम आठ लोग घायल हो गए हैं। घायलों में प्रदर्शनकारी, पुलिसकर्मी और मीडियाकर्मी भी शामिल हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कार्बी आंगलोंग और पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।

बंद के बावजूद सड़क पर उतरे लोग

अधिकारियों के मुताबिक, प्रशासन ने इलाके में ‘बंद’ का आदेश जारी किया था, इसके बावजूद खेरोनी बाजार इलाके में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। इस भीड़ में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। सोमवार को इसी इलाके में कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया था। आंदोलनकारी आदिवासी क्षेत्रों से अतिक्रमणकारियों को हटाने की मांग को लेकर खेरोनी बाजार में एकत्र हुए थे, जिससे तनाव और बढ़ गया।

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने जताया दुख

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी करते हुए कहा कि वे पश्चिम कार्बी आंगलोंग की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा, “आज की हिंसा में दो लोगों की जान जाना बेहद दुखद है। शांति बनाए रखने के लिए खेरोनी में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। सरकार बातचीत के जरिए हालात सामान्य करने की कोशिश कर रही है।” मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि सरकार सभी प्रभावित परिवारों को जरूरी मदद देगी।

पुलिस ने क्या बताया?

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों गुटों में काफी गुस्सा और तनाव था। सुरक्षा बल उन्हें शांत कराने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अचानक पथराव शुरू हो गया। इस दौरान कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं, इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने पहले दो मोटरसाइकिलों में भी आग लगा दी थी

मंत्री रानोज पेगु मौके पर मौजूद

मुख्यमंत्री ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य मंत्री रानोज पेगु मौके पर मौजूद हैं। पेगु ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार इस मुद्दे पर जल्द त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित करेगी, जिसमें मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने 15 दिनों से चल रही भूख हड़ताल खत्म कर दी। मंत्री पेगु ने साफ कहा कि “इस विवाद का हल केवल बातचीत और संवाद से ही निकाला जा सकता है। सरकार प्रदर्शनकारियों और अतिक्रमणकारियों—दोनों से बात कर रही है।”

आखिर विवाद की जड़ क्या है?

कार्बी आंगलोंग और पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिलों में लंबे समय से जमीन और अतिक्रमण को लेकर विवाद चल रहा है। आंदोलनकारी संगठनों की मांग है कि पेशेवर चराई रिजर्व (PGR) और ग्रामीण चराई रिजर्व (VGR) में अवैध रूप से रह रहे लोगों को हटाया जाए। इसी मांग को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे इलाके में बार-बार तनाव की स्थिति बन रही है।

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