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590 करोड़ की धोखाधड़ी का खुलासा : 7 विभागों और उपक्रमों से रकम निकाली गई

चंडीगढ़ 24 फरवरी 2026 : 590 करोड़ की कथित धोखाधड़ी को फर्जी चेक के जरिए अंजाम दिए जाने का खुलासा हुआ है। सरकार के एक अधिकारी के अनुसार, बैंक की चंडीगढ़ शाखा के कुछ कर्मचारियों ने बाहरी लोगों के साथ मिलकर फर्जी चेक से फिजिकल ट्रांसजेक्शन की। इन लोगों ने फर्जी चेक बनाए और उन चेक पर कैश जारी किया गया। पैसे का लेन-देन डिजिटल नहीं हुआ।

वित्त विभाग ने बताया है कि हरियाणा सरकार के सात विभागों व उपक्रमों की राशि आईडीएफसी बैंक के खातों में जमा थी। इन विभागों में पंचायत विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम पंचकूला व नगर परिषद कालका शामिल है। वित्त सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने बताया, सभी विभागों को निजी बैंक से खाते बंद कर राष्ट्रीय बैंकों में खोलने के निर्देश दिए गए हैं। जैसे जैसे विभाग खाते बंद करके जानकारी दे रहे हैं, उससे खातों का मिलान कराया जा रहा है।

 चंडीगढ़ पुलिस ने कहा-हरियाणा पुलिस करेगी जांच
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बैंक की शाखा सेक्टर-32 चंडीगढ़ में होने के कारण शिकायत चंडीगढ़ साइबर क्राइम थाने तक पहुंची है। चंडीगढ़ पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मूल मामला हरियाणा से संबंधित है और जांच हरियाणा पुलिस कर रही है। सूत्रों के मुताबिक बैंक के वरिष्ठ अधिकारी सोमवार को चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मिले। इस दौरान एफआईआर दर्ज करने और आगे की कार्रवाई को लेकर चर्चा हुई।

संदेह के घेरे में सरकार के तीन आईएएस अधिकारी
सूत्रों के अनुसार इस मामले में हरियाणा सरकार के तीन आईएएस अधिकारी भी संदेह के घेरे में है। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने एसीबी जांच के अतिरिक्त उच्चस्तरीय कमेटी का गठन कर मामले की विभागीय जांच करवाने के आदेश दिए हैं। इस कमेटी में आईएएस अधिकारी शामिल होंगे। हालांकि, मामले में हरियाणा सरकार के किसी आईएएस अधिकारी की पत्नी के जरिए भूमिका होने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कोई जवाब नहीं दिया है।

दूसरी ओर कुल राशि में से विभिन्न संदिग्ध खातों में पड़े 70 करोड़ रुपये निकाल होल्ड करवा लिए गए हैं। बाकी रकम के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही इन खातों में लेन-देन पर भी रोक लगा दी है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज होने के बाद शुरू हुई है।

बैंक की तरफ से रविवार रात करीब नौ बजे एनसीआरपी पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत मिलते ही एनसीआरपी पोर्टल की स्वचालित प्रणाली सक्रिय हुई और संदिग्ध खातों में ट्रांसफर की गई राशि को होल्ड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। सोमवार रात तक यह आंकड़ा बढ़कर 70 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया। बताया जा रहा है कि शिकायत में कई बैंक खातों का उल्लेख किया गया है। पोर्टल के जरिए संबंधित बैंकों को अलर्ट भेजा गया और राशि को होल्ड किया गया। फिलहाल बाकी रकम को भी होल्ड कराने के प्रयास जारी हैं।

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