17 जुलाई 2026 उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए नया ड्रेस कोड लागू किया गया है। मंदिर प्रशासन ने निर्णय लिया है कि अब गर्भगृह में प्रवेश केवल पारंपरिक भारतीय परिधान पहनने वाले श्रद्धालुओं को ही दिया जाएगा। नए नियम के तहत पुरुषों के लिए धोती-कुर्ता और महिलाओं के लिए साड़ी या अन्य पारंपरिक भारतीय परिधान अनिवार्य किए गए हैं।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य मंदिर की धार्मिक परंपराओं, मर्यादा और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखना है। अधिकारियों के अनुसार, यह नियम केवल गर्भगृह में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं पर लागू होगा, जबकि मंदिर परिसर में आने वाले अन्य श्रद्धालुओं के लिए अलग व्यवस्था रहेगी।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से नए दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। मंदिर परिसर में ड्रेस कोड से संबंधित सूचना बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं, ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को पहले से जानकारी मिल सके और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मंदिर प्रबंधन का कहना है कि देश के कई प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी पारंपरिक वेशभूषा से जुड़े नियम लागू हैं। उनका मानना है कि ऐसे कदम धार्मिक परंपराओं और आस्था के अनुरूप वातावरण बनाए रखने में सहायक होते हैं।
हालांकि, इस निर्णय को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ श्रद्धालुओं ने इसे मंदिर की परंपराओं के अनुरूप उचित बताया है, जबकि कुछ लोगों का मानना है कि ड्रेस कोड को लेकर व्यापक जागरूकता और स्पष्ट दिशा-निर्देश आवश्यक हैं।
